Monday, 21 August 2017
*सरल लोलक* - किसी भारहीन व लम्बाई में न बढ़ने वाली डोरी से गोल था भारी वस्तु को किसी दृढ़ आधार से लटका देने पर जो समायोजित व्यवस्था बनती है वह सरल लोलक का ही प्रकार होती है । *सरल लोलक का आवर्तकाल* T = 2√L/g
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